सामान्य विवरण
8 अध्यायों वाली पुस्तक। इसमें कई ग्राफिकल उदाहरण हैं। पढ़ने में आसान और तेज़।
संक्षिप्त विवरण
अध्याय 1. भौतिकी से लिया गया एक तरीका
लेखक दिखाते हैं कि कई मजबूत विचार उन्हीं सिद्धांतों पर बने हैं जो भौतिकी के नियम हैं: विषमता, तनाव, शक्तियों का टकराव। विचार वहाँ पैदा होता है जहाँ संघर्ष और ऊर्जा होती है, सद्भाव और शांति नहीं।
अध्याय 2. बाँटो और राज करो
जटिल कार्यों को एक साथ हल नहीं किया जा सकता — उन्हें तत्वों में तोड़ने की जरूरत होती है। जब किसी समस्या को भागों में तोड़ दिया जाता है, तो उनमें से प्रत्येक के लिए गैर-मानक समाधान ढूंढना बहुत आसान हो जाता है।
अध्याय 3. हार का पीछा करो
गलतियाँ और असफल विचार रचनात्मक प्रक्रिया का एक आवश्यक हिस्सा हैं। जितनी ज्यादा असफलताएं आप स्वीकार करते हैं, वास्तव में मजबूत समाधान खोजने की संभावना उतनी ही अधिक होती है।
अध्याय 4. तूफान और तेज़ आए!
विचार जितना कट्टरपंथी होगा, दर्शकों की प्रतिक्रिया उतनी ही मजबूत होगी। लेखक कड़े कदम और भावनात्मक तनाव से डरने के लिए नहीं कहते, क्योंकि विज्ञापन के लिए उदासीनता सबसे बुरा नतीजा है।
अध्याय 5. विज्ञापन साम्राज्य की रानी
विज्ञापन का मुख्य उद्देश्य उत्पाद नहीं, बल्कि व्यक्ति है। विचार उत्पाद की विशेषताओं से नहीं, बल्कि दर्शकों के मनोविज्ञान, इच्छाओं और डर से निकलना चाहिए।
अध्याय 6. जानबूझकर समरूपता तोड़ना
बहुत ज्यादा सही और संतुलित समाधान याद नहीं रहते। रूप, अर्थ या तर्क में थोड़ी सी "टूट" विचार को जीवंत और ध्यान देने योग्य बना देती है।
अध्याय 7. विज्ञापनकर्ता के छिपे हुए संसाधन
अधिकांश विचार पहले से ही हाथ में हैं, लेकिन अनदेखे रह जाते हैं। लेखक तुच्छ, रोजमर्रा और स्पष्ट में प्रेरणा ढूंढना सिखाते हैं।
अध्याय 8. कला निर्देशक का पसंदीदा उपकरण
दृश्य छवि अक्सर पाठ और तर्कों से अधिक मजबूत होती है। एक सटीक चित्र लंबे स्पष्टीकरण से अधिक तेजी और शक्ति से एक विचार संप्रेषित कर सकता है।
मत
यह पुस्तक इस बारे में है कि मूल विज्ञापन कैसे बनाया जाए और विज्ञापन उद्योग में कौन से दृष्टिकोण अपनाए जाते हैं। जानबूझकर समरूपता तोड़ना, 'बाँटो और राज करो' का सिद्धांत और अन्य विज्ञापन तकनीकें। इसमें घरेलू और विदेशी दोनों तरह के सफल विज्ञापनों के दिलचस्प उदाहरण दिए गए हैं।